एक त्रिभुज है जिसमें एड भुज अब को समझी विभाजित करती है तो सर्वांगसम कीजिए

उत्तर: SAS सर्वांगसमता कसौटी द्वारा △ACD≅△BCD\triangle ACD \cong \triangle BCD तथा CPCT द्वारा AC=BCAC = BC सिद्ध हुआ।

चरण-दर-चरण हल

चरण 1: दी गई जानकारी और त्रिभुजों की पहचान

प्रश्न के अनुसार, रेखाखंड CDCD भुजा ABAB का लम्ब समद्विभाजक है, जो ABAB को बिंदु DD पर दो बराबर भागों में बाँटता है। इसलिए AD=BDAD = BD और कोण ∠ADC=∠BDC=90∘\angle ADC = \angle BDC = 90^\circ प्राप्त होता है। हमें △ACD\triangle ACD और △BCD\triangle BCD की सर्वांगसमता सिद्ध करनी है।

चरण 2: दोनों त्रिभुजों के संगत भागों की तुलना

त्रिभुज ACDACD और त्रिभुज BCDBCD में तीन संगत भाग समान हैं: पहली भुजा AD=BDAD = BD, उनके बीच का कोण ∠ADC=∠BDC=90∘\angle ADC = \angle BDC = 90^\circ, तथा भुजा CDCD दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ (कॉमन) है।

चरण 3: SAS सर्वांगसमता नियम लागू करना

भुजा-कोण-भुजा (SAS) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं और बीच के कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। अतः △ACD≅△BCD\triangle ACD \cong \triangle BCD सिद्ध होता है।

चरण 4: CPCT द्वारा संगत भुजाओं की समानता

सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT: Corresponding Parts of Congruent Triangles)। इसलिए, त्रिभुज ACDACD और त्रिभुज BCDBCD के सर्वांगसम होने से AC=BCAC = BC प्राप्त होता है, जिससे यह भी सिद्ध होता है कि △ABC\triangle ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

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