(ग) समुच्चय N में संबंध R निम्नवत् परिभाषित है
R={(x,y):y=x+5,y>5} तब निम्नलिखित में से कौन
(a) (6,10)∈R
(b) (3,6)∈R
(c) (4,9)∈R
(d) …
(घ) ∫0π/4sin32xcos2xdx का मान है
(a) 21
(b) 41
(c) 81
(ङ) असंभव घटनाओं की प्रायिकता होती है
(a) 0
(b) 21
(c) 31
2. निम्नलिखित सभी खण्डों को हल कीजिए।
(क) cos−1(21)+2sin−1(21) का मान ज्ञात कीजिए।
(ख) cot−1(x2−11),x>1 को सरलतम रूप में लिखिए।
उत्तर: (क) 32π
(ख) sec−1x
चरण-दर-चरण हल
चरण 1: खण्ड (क): मुख्य मान ज्ञात करना
प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के मुख्य मान ज्ञात करने के लिए, हम जानते हैं कि cos(3π)=21 होता है और cos−1 की मुख्य शाखा का परिसर [0,π] है। इसी प्रकार, sin(6π)=21 होता है और sin−1 की मुख्य शाखा का परिसर [−2π,2π] है।
चरण 2: खण्ड (क): व्यंजक का मान परिकलित करना
प्राप्त मुख्य मानों को दिए गए व्यंजक में प्रतिस्थापित करते हैं। यहाँ 2×6π=3π प्राप्त होता है, जिसे 3π में जोड़ने पर परिणाम 32π आता है।
चरण 3: खण्ड (ख): उचित प्रतिस्थापन चुनना
खण्ड (ख) में व्यंजक cot−1(x2−11) दिया गया है, जहाँ x>1 है। त्रिकोणमितीय सर्वसमिका sec2θ−1=tan2θ का उपयोग करने के लिए हम x=secθ मान लेते हैं, जहाँ 0<θ<2π है।
चरण 4: खण्ड (ख): करणी को सरल करना
चूँकि x>1 है, इसलिए θ प्रथम चतुर्थांश में है, जहाँ tanθ>0 होता है। अतः x2−1=tanθ प्राप्त होता है।
चरण 5: खण्ड (ख): सरलतम रूप प्राप्त करना
हम जानते हैं कि tanθ1=cotθ होता है। अतः cot−1(cotθ)=θ हो जाता है। अंत में θ के स्थान पर sec−1x रखने पर व्यंजक का सरलतम रूप प्राप्त होता है।