दिखाए गए ग्राफ की ढाल का परिमाण। **चित्र का विवरण:** एक ग्राफ दिया गया है जिसमें xx -अक्ष (क्षैतिज) और yy -अक्ष (ऊर्ध्वाधर) हैं। पहले चतुर्थांश (first quadrant) में एक नीचे की ओर खुला हुआ परवलयाकार वक्र (concave downward curve / inverted parabola) खींचा गया है, जो xx -अक्ष के निकट से शुरू होकर ऊपर जाता है, एक शीर्ष (peak) तक पहुँचता है, और फिर वापस xx -अक्ष की ओर नीचे गिरता है। 1. पहले बढ़ता है फिर घटता है 2. पहले घटता है फिर बढ़ता है 3. बढ़ता है 4. घटता है

उत्तर: सही विकल्प **2. पहले घटता है फिर बढ़ता है** है।

चरण-दर-चरण हल

चरण 1: ढाल (Slope) और उसके परिमाण (Magnitude) की परिभाषा

किसी वक्र की किसी बिंदु पर ढाल उस बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा के झुकाव कोण θ\theta की स्पर्शज्या (tan⁡θ\tan\theta) होती है। यहाँ हमें ढाल का केवल परिमाण (∣m∣|m|) देखना है, जिसका अर्थ स्पर्श रेखा के तीखेपन (steepness) से है।

चरण 2: शीर्ष तक स्पर्श रेखा के व्यवहार का विश्लेषण

वक्र के प्रारंभ में स्पर्श रेखा काफी खड़ी (steep) है, इसलिए ढाल का मान धनात्मक और अधिक है। जैसे-जैसे हम शीर्ष (peak) की ओर बढ़ते हैं, स्पर्श रेखा क्षैतिज होने लगती है और शीर्ष पर पहुंचकर dydx=0\frac{dy}{dx} = 0 हो जाती है। अतः शीर्ष तक परिमाण घटता है।

चरण 3: शीर्ष के बाद स्पर्श रेखा के व्यवहार का विश्लेषण

शीर्ष के बाद वक्र नीचे की ओर मुड़ता है, जिससे ढाल ऋणात्मक हो जाती है। परंतु जैसे-जैसे हम आगे नीचे जाते हैं, रेखा का ढलान या तीखापन (steepness) बढ़ता जाता है, जिससे ढाल का परिमाण (∣m∣|m|) 00 से बढ़कर फिर से अधिक हो जाता है।

चरण 4: ढाल के परिमाण के कुल परिवर्तन का निष्कर्ष

अतः पूरे वक्र पर बाएँ से दाएँ जाने पर ढाल का परिमाण पहले घटकर शून्य होता है और फिर शून्य से बढ़कर अधिक हो जाता है। इसलिए सही विकल्प 2 है।

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