13. यदि घटनाएँ A और B स्वतंत्र हों तो
(A) P(A∩B)=P(A)P(B)
(B) P(A∪B)=P(A)+P(B)
(C) P(A∪B)=0
(D) P(A∩B)=P(A)+P(B)
14. 52 पत्तों की ताश की एक गड्डी से एक बादशाह निकालने की प्रायिकता है
(A) 131
(B) 134
(C) 521
(D) 41
15. P(A)=31, P(B)=41, P(A∩B)=51⇒P(B/A)=
(A) 52
(B) 53
(C) 51
(D) 54
16. एक सिक्के को 10 बार उछाला जाता है। ठीक छः चित आने की प्रायिकता है
(A) 10C6(21)6
(B) 10C6(21)7
(C) 10C6(21)8
(D) 10C6(21)10
17. P(A)=116, P(B)=115, P(A∪B)=117⇒P(A∩B)=
(A) 114
(B) 115
(C) 117
(D) 119
18. xy -तल का समीकरण है
(A) x=0
(B) y=0
(C) z=0
(D) इनमें से कोई नहीं
19. z -अक्ष की दिक्-कोज्याएँ हैं
(A) (1,0,1)
(B) (0,0,1)
(C) (0,1,0)
(D) (0,0,0)
20. बिन्दुओं (4,3,7) और (1,−1,−5) के बीच की दूरी है
(A) 13
(B) 15
(C) 12
(D) 5
21. dxdlog(secx+tanx)=
(A) secx+tanx1
(B) secx
(C) tanx
(D) secxtanx
22. dxd(sec−1x+cosec−1x)=
(A) 1
(B) 0
(C) 2
(D) −1
चरण 1: प्रश्न 13, 14 और 15 (प्रायिकता के मूलभूत नियम)
प्रश्न 13 में स्वतंत्र घटनाओं की परिभाषा से P(A∩B)=P(A)P(B) होता है (विकल्प A)। प्रश्न 14 में 52 पत्तों में 4 बादशाह होते हैं, अतः प्रायिकता 524=131 है (विकल्प A)। प्रश्न 15 में सप्रतिबंध प्रायिकता सूत्र P(B/A)=P(A)P(A∩B)=1/31/5=53 है (विकल्प B)।
चरण 2: प्रश्न 16 और 17 (द्विपद बंटन तथा प्रायिकता योग नियम)
प्रश्न 16 में बर्नौली परीक्षणों के अनुसार n=10, p=21, q=21 है। ठीक 6 चित आने की प्रायिकता 10C6(21)6(21)4=10C6(21)10 है (विकल्प D)। प्रश्न 17 में योग नियम P(A∩B)=P(A)+P(B)−P(A∪B)=116+115−117=114 है (विकल्प A)।
चरण 3: प्रश्न 18, 19 और 20 (त्रिविमीय ज्यामिति)
प्रश्न 18 में xy -तल पर प्रत्येक बिंदु का z -निर्देशांक शून्य होता है, अतः समीकरण z=0 है (विकल्प C)। प्रश्न 19 में z -अक्ष x, y, z अक्षों के साथ क्रमशः 90∘, 90∘, 0∘ कोण बनाता है, अतः दिक्-कोज्याएँ (0,0,1) हैं (विकल्प B)। प्रश्न 20 में दूरी सूत्र से d=(−3)2+(−4)2+(−12)2=169=13 मात्रक है (विकल्प A)।
चरण 4: प्रश्न 21 और 22 (अवकलन)
प्रश्न 21 में शृंखला नियम से secx+tanx1⋅(secxtanx+sec2x)=secx+tanxsecx(tanx+secx)=secx आता है (विकल्प B)। प्रश्न 22 में त्रिकोणमितीय सर्वसमिका sec−1x+cosec−1x=2π एक अचर है, और अचर का अवकलज शून्य होता है (विकल्प B)।