52 पत्तों की ताश की गड्डी में से एक के बाद एक 2 पत्ते बिना प्रतिस्थापन के निकाले जाते हैं। दोनों पत्तों के इक्के होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
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Step-by-Step Solution
Step 1: कुल पत्तों और इक्कों की संख्या ज्ञात करें
एक मानक ताश की गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं। इन 52 पत्तों में से 4 पत्ते इक्के होते हैं।
Step 2: पहला पत्ता इक्का होने की प्रायिकता ज्ञात करें
पहला पत्ता इक्का होने की प्रायिकता इक्कों की संख्या को कुल पत्तों की संख्या से विभाजित करके ज्ञात की जाती है। हमारे पास 4 इक्के और 52 कुल पत्ते हैं, इसलिए प्रायिकता $\frac{4}{52} या \frac{1}{13} है।$
Step 3: दूसरा पत्ता इक्का होने की प्रायिकता ज्ञात करें (बिना प्रतिस्थापन के)
चूंकि पहला पत्ता बिना प्रतिस्थापन के निकाला गया है, इसलिए गड्डी में अब 51 पत्ते बचे हैं। यदि पहला पत्ता इक्का था, तो अब 3 इक्के बचे हैं। इसलिए, दूसरा पत्ता इक्का होने की प्रायिकता $\frac{3}{51} या \frac{1}{17} है।$
Step 4: दोनों पत्तों के इक्के होने की कुल प्रायिकता ज्ञात करें
दोनों पत्तों के इक्के होने की कुल प्रायिकता पहले पत्ते के इक्का होने की प्रायिकता और दूसरे पत्ते के इक्का होने की सशर्त प्रायिकता का गुणनफल है। यह $\frac{1}{13} \times \frac{1}{17} = \frac{1}{221} है।$