Class 9th chapter 7 7.1 exercise sabhi samjhao

उत्तर: प्रश्नावली 7.1 मुख्य रूप से दो सर्वांगसमता कसौटियों SAS और ASA (तथा AAS) और CPCT के अनुप्रयोग पर आधारित है।

चरण-दर-चरण हल

चरण 1: त्रिभुजों की सर्वांगसमता की परिभाषा

दो त्रिभुज सर्वांगसम कहलाते हैं यदि उनका आकार और माप बिल्कुल एक समान हो। जब दो त्रिभुज △ABC\triangle ABC और △PQR\triangle PQR सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत भाग बराबर होते हैं, जिसे CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) कहा जाता है।

चरण 2: SAS सर्वांगसमता नियम (भुजा-कोण-भुजा)

SAS नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की दो संगत भुजाओं और उनके बीच के कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। प्रश्नावली 7.1 के प्रश्न 1 और 2 इसी नियम पर आधारित हैं।

चरण 3: ASA सर्वांगसमता नियम (कोण-भुजा-कोण)

ASA नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों और उनकी अंतर्गत भुजा के बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। यदि दो कोण और कोई अन्य भुजा बराबर हो, तो इसे AAS नियम भी कहते हैं।

चरण 4: CPCT का अनुप्रयोग

प्रश्नावली 7.1 के सभी 8 प्रश्नों में पहले SAS या ASA नियम की सहायता से दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध किया जाता है। इसके पश्चात CPCT द्वारा शेष संगत भुजाओं या कोणों को बराबर दर्शाया जाता है।

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